Friday, September 4, 2009

अश्क क्या?
एक बूँद खारा पानी
या एक बूँद में खारा दरिया।

अश्क क्या?
बचपन में की खिलोने की जिद
या जिद्दी आशिक की तोडी हुई हर हद।

अश्क क्या?
बेटी को विदाई में मिला बाबुल का प्यार
या दूर जाते बेटे को माँ का दुलार।

अश्क क्या?
आखों से गालों पर ढलकती हुई आह
या किसी बिछुडे हुए को पाने की चाह।

2 comments:

  1. अश्क आपकी जुबानी है जो है वही तो है कई रुप है ...अश्क के और प्यार को पाने मे अश्क तो खोने मे अश्क ....एक सुन्दर रचना

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  2. Water is my eye
    Most faithful my love
    Feathers on my breath
    Teardrop on the fire of a confession.

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